फेसबुक मित्र
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बिन मिले पहचान बिन ,
हैं फेसबुक पर मित्र जो ।
पूर्वाग्रहों से मुक्त रह ,
सच बोलते हैं चित्र जो ।।
अधुना ये सब सन्मित्र हैं ,
करते खुशामद जो नहीं ।
कुछ ना पसन्द लगे जभी ,
निष्कपट कहते वे वहीं ।।
इनसे हुआ है बन्द अब ,
बकवाद ,निन्दा प्यार से ,।
नि: स्वार्थ जुड़ते जा रहे ,
हम फेसबुक परिवार से ।।
फेसबुक प्रयोगेन ,
कालो गच्ति धीमताम्।
लम्पटाय ,हरामखोराय ,
नर्क द्वारम् फेसबुकम् ।।
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बिन मिले पहचान बिन ,
हैं फेसबुक पर मित्र जो ।
पूर्वाग्रहों से मुक्त रह ,
सच बोलते हैं चित्र जो ।।
अधुना ये सब सन्मित्र हैं ,
करते खुशामद जो नहीं ।
कुछ ना पसन्द लगे जभी ,
निष्कपट कहते वे वहीं ।।
इनसे हुआ है बन्द अब ,
बकवाद ,निन्दा प्यार से ,।
नि: स्वार्थ जुड़ते जा रहे ,
हम फेसबुक परिवार से ।।
फेसबुक प्रयोगेन ,
कालो गच्ति धीमताम्।
लम्पटाय ,हरामखोराय ,
नर्क द्वारम् फेसबुकम् ।।
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