रविवार, 14 जून 2015

अमिट छोड़ दी छाप 
--------------------- 
सुधी मना सज्जनमना , साधुमना अतिधीर । 
श्री मदन मोहन ,महामना ,पाण्डित्य गम्भीर ।।
कुछ भी नहीं से क्या नहीं ,किए मान्यवर आप ।
बिन साधन सर्वोच्चता , अमिट छोड़ दी छाप ।।
सरल सौम्य दृढ़ साहसी , अधिवक्ता भी प्रवीण ।
सर्वप्रिय शिक्षक प्रखर , देशभक्ति ना क्षीण ।।
राजनीतिमें निपुणता , सामाजिक व्यवहार ।
आध्यात्मिक मृदुभाषिता , धर्मनिष्ठ आचार ।।
मनसा वाचा कर्मणा , लोकश्रेष्ठ अनूचान ।
उचित अप्रतिम कृत्य को ,भारत रत्न सम्मान ।।
अमर काशी हिन्दू विश्व विद्यालया महान ।
नेक तपस्वी मालवीय , से भारत का मान ।।
रचयिता --- कवि सर्वानन्द पाण्डेय ,' अविज्ञात '
चीफ कण्ट्रोलर , पूर्वोत्तर रेलवे , वाराणसी ।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें