रविवार, 14 जून 2015

नमामि वीर सैनिकम्
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स्वातंत्र्य हेतु शोणितम् ,महान राष्ट्रभक्तिनम् ।
दिवंगतम् सेनानिनम् , नमामि वीर सैनिकम् ।।
सुस्वास्थ्य कान्ति मंडितम् स्वकर्म ज्ञान पण्डितम् ।
क्रोधाभिमान खण्डितम् नमामि वीर सैनिकम् ।।
नियम विधान सज्जितम् देशाभिमान् रक्षिनम् ।
संगीत काव्य रूचिकम् नमामि वीर सैनिकम् ।।
महान राष्ट्र गौरवम् विजय निनाद रौरवम् ।
मनोविनोद सौरभम् नमामि वीर सैनिकम् ।।
भद्र शिष्ट दर्शिनम् देश द्रोह भक्षिनम् ।
मातृभूमि सेविनम् नमामि वीर सैनिकम् ।।
कराल काल भंजितम् शत्रुदल वशीकृतम् ।
विजय सदा सुनिश्चितम् नमामि वीर सैनिकम् ।।
दिशा - दिशा प्रदक्षिणम् सतर्कता अहर्निशम् ।
मातृभूमि रक्षिनम् नमामि वीर सैनिकम ।।
सहासीतम् सुहासितम् नायकम् सुभाषितम् ।
आपद्गते तु हर्षितम् नमामि वीर सैनिकम् ।।
साहसी ओजस्विनम् तेजस्विनम् मनस्विनम्।
पराक्रमी यशस्विनम् नमामि हिन्द सैनिकम्।।
सर्वधर्मSनुष्ठितम् अशान्ति भय विनाशिनम्।
गिरि बने तपस्विनम् नमामि हिन्द सैनिकम्।।
स्वाधीन राष्ट्र लक्षिकम् , स्वदेश प्रेम प्रेरकम् ।
भक्तिभाव सूचिकम् , नमामि वीर सैनिकम् ।।
स्वार्थ भोग वंचितम् कुटुम्ब सुख प्रवंचितम्।
हृदय हृदय प्रतिषठितम् नमामि हिन्द सैनिकम्।।
जले थले मही तले , व्योम गिरि हिमस्खले ।
प्रवास अनिकेतनम् नमामि हिन्द सैनिकम ।।
स्तुत्य देश वासिनम् सुसंस्कृतम् समादृतम् ।
विनत प्रणत निवेदितम् नमामि हिन्द सैनिकम् ।।
महापदम् अलंकृतम् , समृद्ध स्निग्ध मौक्तिकम् ।
स्वककीय कीर्ति अमृतम् , नमामि हिन्द सैनिकम् ।।
रचयिता--- कवि सर्वानन्द पाण्डेय, 'अविज्ञात'
मुख्य नियन्त्रक, बचाव सलाहकार,
पूर्वोत्तर रेलवे, वाराणसी ।

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