बुधवार, 17 जून 2015

दुम दुबकाए भागता , गीदड़ पाकिस्तान । शेरे दिल है झपटता उस पर हिनदुस्तान ।उस पर हिन्दुस्तान ,गड़ाए अपना पंजा । पिद्दीभर औकात ,और आतंकी धंधा ?कहते सर्वानन्द ,अगर ना माने पाजी । चट कर देंगे साफ , बनाकर तुमको भाजी ।

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