बन्द करें
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ताका - झाकी बेमतलब की
गोप्य जगह की बिना सबब ।
छिद्र बढ़ाकर , बेपर्दाकर
इसे त्वरित ही बन्द करें ।।
सोच - समझ सब ऊॅंच - नीच की
जाति - धर्म की , बिना सबब ।
खान्दानी बन , नीच कर्म कर
इसे त्वरित ही बन्द करें ।।
जिम्मेदारी करके विस्मृत
लापरवाही बिना सबब ।
हो अपमानित , बनकर निन्दित
इसे त्वरित ही बन्द करें ।।
करना खारििज क्षमा शब्द को
शब्दकोश से , बिना सबब ।
डाॅंट - डपट को , निरर्थक कह
इसे त्वरित ही बन्द करें ।।
रचयिता --- कवि सर्वानन्द पाण्डेय ,' अविज्ञात '
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ताका - झाकी बेमतलब की
गोप्य जगह की बिना सबब ।
छिद्र बढ़ाकर , बेपर्दाकर
इसे त्वरित ही बन्द करें ।।
सोच - समझ सब ऊॅंच - नीच की
जाति - धर्म की , बिना सबब ।
खान्दानी बन , नीच कर्म कर
इसे त्वरित ही बन्द करें ।।
जिम्मेदारी करके विस्मृत
लापरवाही बिना सबब ।
हो अपमानित , बनकर निन्दित
इसे त्वरित ही बन्द करें ।।
करना खारििज क्षमा शब्द को
शब्दकोश से , बिना सबब ।
डाॅंट - डपट को , निरर्थक कह
इसे त्वरित ही बन्द करें ।।
रचयिता --- कवि सर्वानन्द पाण्डेय ,' अविज्ञात '
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