यह फेसबुक भी बहुत कुछ लिखने को प्रेरित करता है ।किसी सुन्दरी का सजीला सुदर्शना चित्र सामने परोसकर यह कहा जाय कि देखते हुए प्रभु का स्मरण करेंं ।तब तो मुझे कहना पड़ेगा कि ------
मदमस्त गज के गण्ड स्थल चीरने वाले बहुत ।
अत्यन्त हिंसक शेर को , भी मारने वाले बहुत ।
बिरले बली ऐसे मिले , जो कामदेव घमण्ड को ।।
चूर कर के जीत लेवें ,, कामवेग प्रचण्ड को ।।
अनुुवाादक --- कवि सर्वानन्द पााण्डेय , ' अविज्ञात '
मदमस्त गज के गण्ड स्थल चीरने वाले बहुत ।
अत्यन्त हिंसक शेर को , भी मारने वाले बहुत ।
बिरले बली ऐसे मिले , जो कामदेव घमण्ड को ।।
चूर कर के जीत लेवें ,, कामवेग प्रचण्ड को ।।
अनुुवाादक --- कवि सर्वानन्द पााण्डेय , ' अविज्ञात '
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