रविवार, 31 जनवरी 2016

नन्द घर बाजे बॅंधइया
जनमे कृष्ण कॅंधइया, नन्द घर बाजे बॅंधइया ।
केई लुटावे अन्न धन सोनवाॅं , केई लुटावे धनुगइया ? 
नन्दघर बाज बॅंधइया ।।
जनमे कृष्ण कॅंधइया ,नन्द घर बाजे बॅंधइया ।
यशोदा लुटावें अन्न धन सोनवाॅं , नन्द लुटावें धेनुगइया ।
नन्द घर बाजे बॅंधइया ।।
जनमे कृष्ण कॅंधइया ,नन्द घर बाजे बॅंधइया ।
केई खुशी से मंगल गावें , केई मनहिं हरषैया ?
नन्द घर बाजे बॅंधइया ।।
जनमे कृष्ण कॅंधइया ,नन्द घर बाजे बॅंधइया ।
गोपिन मिलि सब मंगल गावैं , देव गोप हरषैया ।
नन्द घर बाजे बॅंधइया ।।
जनमे कृष्ण कॅंधइया ,नन्द घर बाजे बॅंधइया ।
बाबा नन्द पुलकि मन नाचैं , माता लेत बलैया ।
नन्द घर बाजे बॅंधइया ।।
जनमे कृष्ण कॅंधइया ,नन्द घर बाजे बॅंधइया ।।

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