समदृष्टि मुझे दे दे
जप नाम बहुत करते , पहले भी किए होंगे,
प्रह्लाद अजामिल - सा , कोई न किया होगा ।।
कुछ मन्दबुध्दि पापी , पहले भी रहे होंगे ।
गुणहीन मेरे जैसा , कोई न रहा होगा ।।
कर नाथ कृपा मुझपर , भक्तों को मिली जैसी ।
लोगों पे दया करके , मुझपर भी थोड़ी कर दे ।।
समदृष्टि मुझे दे दे , आॅंखें हैं मेरी मैली ।
करुणा की झोली तो , खाली है थोड़ी भर दे ।।
---कवि सर्वानन्द पाण्डेय ,'अविज्ञात '
मुख्य नियंत्रक , पूर्वोत्तर रेलवे , वाराणसी ।
जप नाम बहुत करते , पहले भी किए होंगे,
प्रह्लाद अजामिल - सा , कोई न किया होगा ।।
कुछ मन्दबुध्दि पापी , पहले भी रहे होंगे ।
गुणहीन मेरे जैसा , कोई न रहा होगा ।।
कर नाथ कृपा मुझपर , भक्तों को मिली जैसी ।
लोगों पे दया करके , मुझपर भी थोड़ी कर दे ।।
समदृष्टि मुझे दे दे , आॅंखें हैं मेरी मैली ।
करुणा की झोली तो , खाली है थोड़ी भर दे ।।
---कवि सर्वानन्द पाण्डेय ,'अविज्ञात '
मुख्य नियंत्रक , पूर्वोत्तर रेलवे , वाराणसी ।
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